श्री भगवद गीता की 7 सीख

मनुष्य की वासना ही उसके पुनर्जन्म का कारण है।

इन्द्रियों के अधीन रहने से मनुष्य के जीवन में विकार और परेशानियाँ आती हैं।

संयम, धैर्य, सदाचार, स्नेह और सेवा जैसे गुण सत्संग के बिना नहीं आते।

आनंद मनुष्य के भीतर ही निवास करता है। परंतु मनुष्य उसे स्त्री में, घर में और बाहरी सुखों में खोज रहा है।

जिसने जवानी में बहुत से पाप किये हों उसे बुढ़ापे में नींद नहीं आती।

जिसे भगवान ने संपत्ति दी है उसे गाय अवश्य रखनी चाहिए।

अधिकारी शिष्य को सद्गुरु (अच्छा गुरु) अवश्य मिलता है।